Damoh News: अवैध शराब पर प्रशासन सख्त, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने दिए निगरानी के निर्देश

दमोह में अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाईदमोह जिले में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। जांच के

 दमोह। सागर जिले में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद दमोह जिले में भी प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गए हैं। जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर लगातार निगरानी की जा रही है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आमजन की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार श्री यादव वर्तमान में दमोह के कलेक्टर हैं।

बलेह से शराब आने की सूचना के बाद प्रशासन अलर्ट

जानकारी के अनुसार दमोह जिले के हरदुआ गांव निवासी एक व्यक्ति की शराब सेवन के बाद तबीयत खराब हो गई थी। शुरुआती जानकारी में उसके रहली क्षेत्र के बलेह गांव से शराब लेकर आने की बात सामने आई। हालत गंभीर होने पर उसे उपचार के लिए रेफर किया गया।

मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्षेत्रों में जांच और निगरानी बढ़ा दी।

संयुक्त टीम ने शुरू की कार्रवाई

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम, आबकारी विभाग, तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों को संबंधित क्षेत्र में कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके बाद संयुक्त टीमों ने अवैध शराब के कारोबार और संदिग्ध गतिविधियों वाले स्थानों पर दबिश दी। दमोह पुलिस द्वारा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हाल की कार्रवाई में कच्ची शराब और महुआ लहान जब्त/नष्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।

संदिग्ध शराब के बैच की बिक्री पर रोक

मामले में जिस शराब के बैच को लेकर संदेह सामने आया है, उसकी बिक्री फिलहाल रोक दी गई है। लैब टेस्ट रिपोर्ट आने तक संबंधित बैच की शराब का विक्रय नहीं किया जाएगा।

रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि शराब में किसी प्रकार की गड़बड़ी या मिलावट थी या नहीं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी शराब दुकानों पर हुई कार्रवाई

दमोह प्रशासन द्वारा इससे पहले भी शराब दुकानों में अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई की जा चुकी है। शिकायतों और जांच के आधार पर कई दुकानों पर जुर्माना लगाया गया तथा कुछ दुकानों को निलंबित करने और लाइसेंस निरस्त करने जैसी कार्रवाई भी की गई है।

जुलाई में भी दमोह जिले में शराब दुकानों पर कार्रवाई करते हुए 6 दुकानों को निलंबित किए जाने और अन्य अनियमितताओं पर जुर्माना लगाए जाने की जानकारी सामने आई थी।

अवैध शराब के ठिकानों पर लगातार दबिश

सागर की घटना के बाद दमोह पुलिस ने अवैध शराब के संभावित ठिकानों पर कार्रवाई और तेज कर दी है। पुलिस टीमों द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में दबिश देकर कच्ची शराब, महुआ लहान और शराब बनाने में इस्तेमाल सामग्री को जब्त या नष्ट किया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार को किसी भी स्थिति में बढ़ने नहीं दिया जाएगा।

कलेक्टर बोले—आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और जिले में लगातार निगरानी की जा रही है। संदिग्ध शराब की बिक्री पर रोक लगाकर उसकी जांच कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अवैध या संदिग्ध शराब का सेवन न करें। किसी दुकान या व्यक्ति द्वारा अवैध शराब बेचने की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचना दें।

निष्कर्ष

सागर की घटना के बाद दमोह में प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें लगातार संदिग्ध स्थानों पर कार्रवाई कर रही हैं। वहीं संदिग्ध शराब के बैच की लैब रिपोर्ट आने के बाद मामले में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

News Yug 24 अपडेट: दमोह जिले में अवैध शराब से जुड़ी कार्रवाई और लैब रिपोर्ट से संबंधित नया अपडेट सामने आते ही खबर को अपडेट किया जाएगा।

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